Tuesday, 28 April 2015

Fissure in ano


फिशर:
आमतौर पर गुदा से संबधित सभी रोगों को बवासीर या पाइल्स ही समझ लिया जाता है, लेकिन इसमें कई और रोग भी हो सकते हैं। जिन्हें आप पाइल्स समझ रहे हों। ऐसा ही एक रोग है फिशर। इस रोग में गुदा के आसपास के क्षेत्र में एक चीरे या क्रैक जैसी स्थिति बन जाती है, जिसे फिशर कहते हैं। यह रोग बच्चों में भी
होता है। इसमें क्रैक छोटे भी हो सकते हैं और बड़े भी। इनमें बहुत अधिक वेदना तथा खुजली होती है तथा रोगी मल त्याग करने में बहुत ही घबराता है उसके दिन का सबसे बुरा समय वो ही होता है जब उसे मल त्याग करना होता है। आजकल के समय में ये समस्या
बहुत ही आम हो गयी है। एक अनुमान के अनुसार ७० से ८० प्रतिशत लोगों को ये समस्या रहती है। जो लोग कब्ज से परेशान रहते हैं उनमें ये समस्या मुख्य रूप से पायी जाती है।

लक्षण:

इससे पीड़ित रोगी टॉयलेट जाने से डरता है। टॉयलेट जाते समय बहुत अधिक दर्द होता है गुदा में बहुत अधिक जलन होती है जो कि कई बार तो टॉयलेट जाने के ४-५ घंटे तक बनी रहती है। गुदा में हमेशा खुजली होती रहती है। गुदा के ऊपर या नीचे की तरफ सूजन या उभर सा बन जाता है टॉयलेट के समय खून कभी कभी बहुत थोडा सा आता है या आता ही नहीं है। इस रोग के बढ़ जाने पर रोगी को बैठना भी मुश्किल हो जाता है।

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Dr Vishavjeet Singh (9882252727)